सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 2039

नंबर 2039किताब 10, नंबर 24
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا حَاتِمُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ حَبِيبِ بْنِ أَرْدَكَ، حَدَّثَنَا عَطَاءُ بْنُ أَبِي رَبَاحٍ، عَنْ يُوسُفَ بْنِ مَاهَكَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ ثَلاَثٌ جِدُّهُنَّ جِدٌّ وَهَزْلُهُنَّ جِدٌّ النِّكَاحُ وَالطَّلاَقُ وَالرَّجْعَةُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that:the Messenger of Allah (ﷺ) said: "There are three matters in which seriousness is serious and joking is serious: marriage, divorce and taking back (one's wife)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Chapters on Divorce

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।