حَدَّثَنَا حَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ، حَدَّثَنَا جَرِيرُ بْنُ حَازِمٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ رَجُلاً، أَتَى النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ وَقَدْ تَوَضَّأَ وَتَرَكَ مَوْضِعَ الظُّفْرِ لَمْ يُصِبْهُ الْمَاءُ فَقَالَ لَهُ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ " ارْجِعْ فَأَحْسِنْ وُضُوءَكَ " .
It was narrated from Anas that:A man came to the Prophet; he had performed ablution and has missed a spot the size of a fingernail where water had not reached. The Prophet said to him: 'Go back and perform ablution properly
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
SahihShuaib Al Arnaut
SahihZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।