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सुनन इब्न माजा

नंबर 659

नंबर 659किताब 1, नंबर 393
حَدَّثَنَا سُوَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ مِسْعَرٍ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُثْمَانَ بْنِ كَرَامَةَ، حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، عَنْ مِسْعَرٍ، عَنْ عَبْدِ الْجَبَّارِ بْنِ وَائِلٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ رَأَيْتُ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أُتِيَ بِدَلْوٍ فَمَضْمَضَ مِنْهُ فَمَجَّ فِيهِ مِسْكًا أَوْ أَطْيَبَ مِنَ الْمِسْكِ وَاسْتَنْثَرَ خَارِجًا مِنَ الدَّلْوِ ‏.‏
It was narrated from 'Abdul Jabbar bin Wa'il that his father said:"A bucket was brought to the Prophet; he rinsed his mouth and spat into it, and it was like musk or better than musk, and he rinsed his nostrils outside the bucket
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।