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सुनन इब्न माजा

नंबर 656

नंबर 656किताब 1, नंबर 390
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، عَنْ مُعَاذَةَ، ‏.‏ أَنَّ امْرَأَةً، سَأَلَتْ عَائِشَةَ قَالَتْ تَخْتَضِبُ الْحَائِضُ فَقَالَتْ قَدْ كُنَّا عِنْدَ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ وَنَحْنُ نَخْتَضِبُ فَلَمْ يَكُنْ يَنْهَانَا عَنْهُ ‏.‏
It was narrated from Mu'adh that:A woman asked 'Aishah: "Can a woman who is menstruating, dye her hands?" She said: "We were with the Prophet and we used to dye our hands, and he did not tell us not to do that
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।