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सुनन इब्न माजा

नंबर 640

नंबर 640किताब 1, नंबर 374
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، وَابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنِ الْحَكَمِ، عَنْ عَبْدِ الْحَمِيدِ، عَنْ مِقْسَمٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فِي الَّذِي يَأْتِي امْرَأَتَهُ وَهِيَ حَائِضٌ قَالَ ‏ "‏ يَتَصَدَّقُ بِدِينَارٍ أَوْ بِنِصْفِ دِينَارٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Abbas that:The Prophet said concerning one who has intercourse with a woman when she is menstruating: "Let him give a Dinar or half a Dinar in charity
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।