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सुनन इब्न माजा

नंबर 617

नंबर 617किताब 1, नंबर 351
حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ آدَمَ، حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ الْحُبَابِ، حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ، عَنِ السَّفْرِ بْنِ نُسَيْرٍ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ شُرَيْحٍ، عَنْ أَبِي أُمَامَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ نَهَى أَنْ يُصَلِّيَ الرَّجُلُ وَهُوَ حَاقِنٌ ‏.‏
It was narrated from Abu Umamah that:The Messenger of Allah forbade a man to perform prayer when he was suppressing (the urge to urinate or defecate)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।