सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 570

नंबर 570किताब 1, नंबर 304
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنِ ابْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنِ الْحَكَمِ، وَسَلَمَةَ بْنِ كُهَيْلٍ، أَنَّهُمَا سَأَلاَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ أَبِي أَوْفَى عَنِ التَّيَمُّمِ، فَقَالَ أَمَرَ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ عَمَّارًا أَنْ يَفْعَلَ هَكَذَا وَضَرَبَ بِيَدَيْهِ إِلَى الأَرْضِ ثُمَّ نَفَضَهُمَا وَمَسَحَ عَلَى وَجْهِهِ ‏.‏ قَالَ الْحَكَمُ وَيَدَيْهِ ‏.‏ وَقَالَ سَلَمَةُ وَمِرْفَقَيْهِ ‏.‏
It was narrated from Hakam and Salamah in Kuhail that:They asked 'Abdullah bin Abi Awfa about dry ablution. He said: "The Prophet commanded 'Ammar to do like this;' and he struck the ground with his palms, shook the dust off and wiped his face. (Da'if)Hakam said, "and his hands," Salamah said, "and his elbows
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MunkarAl-Albani
  • MunkarMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।