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सुनन इब्न माजा

नंबर 564

नंबर 564किताब 1, नंबर 298
حَدَّثَنَا أَبُو طَاهِرٍ، أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ، حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ، عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ مُسْلِمٍ، عَنْ أَبِي مَعْقِلٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ تَوَضَّأَ وَعَلَيْهِ عِمَامَةٌ قِطْرِيَّةٌ فَأَدْخَلَ يَدَهُ مِنْ تَحْتِ الْعِمَامَةِ فَمَسَحَ مُقَدَّمَ رَأْسِهِ وَلَمْ يَنْقُضِ الْعِمَامَةَ ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik said:"I saw the Messenger of Allah performing ablution, wearing a Qatari turban. He put his hand beneath the turban and wiped the front part of his head, and he did not take the turban off
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।