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सुनन इब्न माजा

नंबर 542

नंबर 542किताब 1, नंबर 276
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يُوسُفَ الزِّمِّيُّ، ح وَحَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عُثْمَانَ بْنِ حَكِيمٍ، حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ عُبَيْدِ اللَّهِ الرَّقِّيُّ، قَالاَ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عَمْرٍو، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ عُمَيْرٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ، قَالَ سَأَلَ رَجُلٌ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يُصَلِّي فِي الثَّوْبِ الَّذِي يَأْتِي فِيهِ أَهْلَهُ قَالَ ‏ "‏ نَعَمْ إِلاَّ أَنْ يَرَى فِيهِ شَيْئًا فَيَغْسِلَهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Jabir bin Samurah said:"A man asked the Prophet whether he could perform prayer in a garment in which he had intercourse with his wife. He said: 'Yes, unless he sees something on it, in which case he should wash it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।