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सुनन इब्न माजा

नंबर 533

नंबर 533किताब 1, नंबर 267
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عِيسَى، عَنْ مُوسَى بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ، عَنِ امْرَأَةٍ، مِنْ بَنِي عَبْدِ الأَشْهَلِ قَالَتْ سَأَلْتُ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَقُلْتُ إِنَّ بَيْنِي وَبَيْنَ الْمَسْجِدِ طَرِيقًا قَذِرَةً ‏.‏ قَالَ ‏"‏ فَبَعْدَهَا طَرِيقٌ أَنْظَفُ مِنْهَا ‏"‏ ‏.‏ قُلْتُ نَعَمْ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ فَهَذِهِ بِهَذِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that a woman from (the tribe of) Banu 'Abdul-Ashhal said:"I said to the prophet: 'Between the mosque and I there is a filthy path.' He said: 'After that is there a cleaner path?' I said: 'Yes.' He said: 'This is (a remedy) for that
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।