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सुनन इब्न माजा

नंबर 521

नंबर 521किताब 1, नंबर 255
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ خَالِدٍ، وَالْعَبَّاسُ بْنُ الْوَلِيدِ الدِّمَشْقِيَّانِ، قَالاَ حَدَّثَنَا مَرْوَانُ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا رِشْدِينُ، أَنْبَأَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ، عَنْ رَاشِدِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ أَبِي أُمَامَةَ الْبَاهِلِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ إِنَّ الْمَاءَ لاَ يُنَجِّسُهُ شَىْءٌ إِلاَّ مَا غَلَبَ عَلَى رِيحِهِ وَطَعْمِهِ وَلَوْنِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Umamah Al-Bahili said:"The Messenger of Allah said: 'Water is not made impure by anything except that which changes its smell, taste and color
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।