حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ مَخْلَدٍ، عَنْ مُوسَى بْنِ يَعْقُوبَ، حَدَّثَنِي أَبُو عُبَيْدَةَ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ زَمْعَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، زَوْجِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ " إِذَا شَرِبْتُمُ اللَّبَنَ فَمَضْمِضُوا فَإِنَّ لَهُ دَسَمًا " .
It was narrated that Umm Salamah, the wife of the Prophet, said:"The Messenger of Allah said: 'If you drink milk, then rinse your mouths, for there is some greasiness in it
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
Hasan SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
Isnaad HasanZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।