सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 491

नंबर 491किताब 1, नंबर 225
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ، حَدَّثَنَا حَاتِمُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، عَنْ جَعْفَرِ بْنِ مُحَمَّدٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ الْحُسَيْنِ، عَنْ زَيْنَبَ بِنْتِ أُمِّ سَلَمَةَ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، قَالَتْ أُتِيَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ بِكَتِفِ شَاةٍ فَأَكَلَ مِنْهُ وَصَلَّى وَلَمْ يَمَسَّ مَاءً ‏.‏
It was narrated that Umm Salamah said:"Some meat from the shoulder of a sheep was brought to the Messenger of Allah and he ate some of it, then he performed prayer without touching water (for ablution)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।