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सुनन इब्न माजा

नंबर 487

नंबर 487किताब 1, नंबर 221
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ خَالِدٍ الأَزْرَقُ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ يَزِيدَ بْنِ أَبِي مَالِكٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ كَانَ يَضَعُ يَدَيْهِ عَلَى أُذُنَيْهِ وَيَقُولُ صُمَّتَا إِنْ لَمْ أَكُنْ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ تَوَضَّئُوا مِمَّا مَسَّتِ النَّارُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik would place his hands over his ears and say:"May my ears be made deaf, if I did not hear the messenger of Allah saying: 'Perform ablution after (eating) that which has been changed by fire
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sanad DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।