सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 483

नंबर 483किताब 1, नंबर 217
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَابِرٍ، قَالَ سَمِعْتُ قَيْسَ بْنَ طَلْقٍ الْحَنَفِيَّ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ سُئِلَ عَنْ مَسِّ الذَّكَرِ فَقَالَ ‏ "‏ لَيْسَ فِيهِ وُضُوءٌ إِنَّمَا هُوَ مِنْكَ ‏"‏ ‏.‏
Qais bin Talq Al-Hanafi narrated that his father said:"I heard the Messenger of Allah being asked about touching the penis. He said: 'That does not require ablution, because it is a part of you (your body)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।