حَدَّثَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ الْوَلِيدِ، وَأَحْمَدُ بْنُ الأَزْهَرِ، قَالاَ حَدَّثَنَا مَرْوَانُ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ السِّمْطِ، حَدَّثَنَا الْوَضِينُ بْنُ عَطَاءٍ، عَنْ مَحْفُوظِ بْنِ عَلْقَمَةَ، عَنْ سَلْمَانَ الْفَارِسِيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ تَوَضَّأَ فَقَلَبَ جُبَّةَ صُوفٍ كَانَتْ عَلَيْهِ فَمَسَحَ بِهَا وَجْهَهُ .
It was narrated from salman Al-Farisi that :The Messenger of Allah performed ablution, then he turned inside out the woolen garment that he was wearing and wiped his face with it
स्रोत में दर्ज दर्जे
HasanAl-Albani
HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
DaifShuaib Al Arnaut
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।