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सुनन इब्न माजा

नंबर 432

नंबर 432किताब 1, नंबर 166
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْحَمِيدِ بْنُ حَبِيبٍ، حَدَّثَنَا الأَوْزَاعِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ بْنُ قَيْسٍ، حَدَّثَنِي نَافِعٌ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ إِذَا تَوَضَّأَ عَرَكَ عَارِضَيْهِ بَعْضَ الْعَرْكِ ثُمَّ شَبَكَ لِحْيَتَهُ بِأَصَابِعِهِ مِنْ تَحْتِهَا ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Umar said:"Whenever the Messenger of Allah performed ablution, he rubbed the sides of his face then run his fingers through his beard from beneath
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।