حَدَّثَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ، حَدَّثَنَا أَبُو الأَحْوَصِ، عَنْ أَشْعَثَ بْنِ أَبِي الشَّعْثَاءِ، ح وَحَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ وَكِيعٍ، حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ عُبَيْدٍ الطَّنَافِسِيُّ، عَنْ أَشْعَثَ بْنِ أَبِي الشَّعْثَاءِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ مَسْرُوقٍ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ كَانَ يُحِبُّ التَّيَمُّنَ فِي الطُّهُورِ إِذَا تَطَهَّرَ وَفِي تَرَجُّلِهِ إِذَا تَرَجَّلَ وَفِي انْتِعَالِهِ إِذَا انْتَعَلَ .
It was narrated from 'Aishah that:The Messenger of Allah liked to start on the right when purifying himself, when combing his hair and when putting on his footwear
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
SahihShuaib Al Arnaut
Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।