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सुनन इब्न माजा

नंबर 390

नंबर 390किताब 1, नंबर 124
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا الْهَيْثَمُ بْنُ جَمِيلٍ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَقِيلٍ، عَنِ الرُّبَيِّعِ بِنْتِ مُعَوِّذٍ، قَالَتْ أَتَيْتُ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ بِمِيضَأَةٍ فَقَالَ ‏ "‏ اسْكُبِي ‏"‏ ‏.‏ فَسَكَبْتُ فَغَسَلَ وَجْهَهُ وَذِرَاعَيْهِ وَأَخَذَ مَاءً جَدِيدًا فَمَسَحَ بِهِ رَأْسَهُ مُقَدَّمَهُ وَمُؤَخَّرَهُ وَغَسَلَ قَدَمَيْهِ ثَلاَثًا ثَلاَثًا ‏.‏
It was narrated that Rubai' bint Mu'awwidh said:"I brought a basin of water to the Prophet and he said: 'Pour it,' so I poured it and he washed his face and forearms, then he took fresh water and wiped his head, front and back, and then he washed his feet. He washed each part three times
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।