حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَمُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، وَإِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالُوا حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ سِمَاكٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنْ مَيْمُونَةَ، زَوْجِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ تَوَضَّأَ بِفَضْلِ غُسْلِهَا مِنَ الْجَنَابَةِ .
It was narrated from Ibn 'Abbas, from Maimunah the wife of the Prophet, that :the Prophet performed ablution with the water left over after she had taken a bath to cleanse herself from sexual impurity
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
DaifShuaib Al Arnaut
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।