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सुनन इब्न माजा

नंबर 370

नंबर 370किताब 1, नंबर 104
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا أَبُو الأَحْوَصِ، عَنْ سِمَاكِ بْنِ حَرْبٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ اغْتَسَلَ بَعْضُ أَزْوَاجِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فِي جَفْنَةٍ فَجَاءَ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ لِيَغْتَسِلَ أَوْ يَتَوَضَّأَ فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي كُنْتُ جُنُبًا ‏.‏ فَقَالَ ‏ "‏ الْمَاءُ لاَ يُجْنِبُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"One of the wives of the Prophet took a bath from a large vessel, then the Prophet came and had a bath or ablution, and she said: 'O Messenger of Allah, I was sexually impure.' He said: 'Water does not become impure
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।