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सुनन इब्न माजा

नंबर 356

नंबर 356किताब 1, नंबर 90
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ شَرِيكٍ، عَنْ جَابِرٍ، عَنْ زَيْدٍ الْعَمِّيِّ، عَنْ أَبِي الصِّدِّيقِ النَّاجِيِّ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ كَانَ يَغْسِلُ مَقْعَدَتَهُ ثَلاَثًا ‏.‏ قَالَ ابْنُ عُمَرَ فَعَلْنَاهُ فَوَجَدْنَاهُ دَوَاءً وَطُهُورًا ‏.‏ قَالَ أَبُو الْحَسَنِ بْنُ سَلَمَةَ حَدَّثَنَا أَبُو حَاتِمٍ، وَإِبْرَاهِيمُ بْنُ سُلَيْمَانَ الْوَاسِطِيُّ، قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، نَحْوَهُ ‏.‏
It was narrated from 'Aishah that:The Prophet used to wash his private parts three times. Ibn 'Umar said: "We did that and we found it to be healing and a means of purification
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।