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सुनन इब्न माजा

नंबर 338

नंबर 338किताब 1, नंबर 72
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عُمَرَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ الصَّبَّاحِ، بِإِسْنَادِهِ نَحْوَهُ وَزَادَ فِيهِ ‏ "‏ وَمَنِ اكْتَحَلَ فَلْيُوتِرْ مَنْ فَعَلَ فَقَدْ أَحْسَنَ وَمَنْ لاَ فَلاَ حَرَجَ وَمَنْ لاَكَ فَلْيَبْتَلِعْ ‏"‏ ‏.‏
A similar report was narrated by 'Abdul-Malik bin As-Sabbah with a similar chain, with the additional words:"Whoever applies kohl to his eyes, let him add it an odd number of times. Whoever does that has done well, and whoever does not, there is no harm in it. And whoever dislodges (a particle of food from between the teeth) by dislodging it with his tongue, let him swallow it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।