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सुनन इब्न माजा

नंबर 318

नंबर 318किताब 1, नंबर 52
حَدَّثَنَا أَبُو الطَّاهِرِ، أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي يُونُسُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَزِيدَ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا أَيُّوبَ الأَنْصَارِيَّ، يَقُولُ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَنْ يَسْتَقْبِلَ الَّذِي يَذْهَبُ إِلَى الْغَائِطِ الْقِبْلَةَ وَقَالَ ‏ "‏ شَرِّقُوا أَوْ غَرِّبُوا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Ayyub Ansari said:"The Messenger of Allah forbade the person who went to the Gha'it to face the Qiblah. He said: 'face towards the east or the west
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।