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सुनन इब्न माजा

नंबर 295

नंबर 295किताब 1, नंबर 29
حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ هِلاَلٍ الصَّوَّافُ، حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنْ أَبِي عِمْرَانَ الْجَوْنِيِّ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ وُقِّتَ لَنَا فِي قَصِّ الشَّارِبِ وَحَلْقِ الْعَانَةِ وَنَتْفِ الإِبْطِ وَتَقْلِيمِ الأَظْفَارِ أَنْ لاَ نَتْرُكَ أَكْثَرَ مِنْ أَرْبَعِينَ لَيْلَةً ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik said:"We were given a time limit with regard to trimming the mustache, shaving the pubic hairs, plucking the armpit hairs and clipping the nails. We were not to leave that for more than forty days
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।