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सुनन इब्न माजा

नंबर 279

नंबर 279किताब 1, नंबर 13
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي مَرْيَمَ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ، حَدَّثَنِي إِسْحَاقُ بْنُ أَسِيدٍ، عَنْ أَبِي حَفْصٍ الدِّمَشْقِيِّ، عَنْ أَبِي أُمَامَةَ، يَرْفَعُ الْحَدِيثَ قَالَ ‏ "‏ اسْتَقِيمُوا وَنِعِمَّا أَنْ تَسْتَقِيمُوا وَخَيْرُ أَعْمَالِكُمُ الصَّلاَةُ وَلاَ يُحَافِظُ عَلَى الْوُضُوءِ إِلاَّ مُؤْمِنٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Umamah said, in a marfu' Hadith:"Adhere to righteousness and it is a blessing if you are able to do so. Know that the best of your deeds is prayer and that no one maintains his ablution except a believer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।