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सुनन इब्न माजा

नंबर 274

नंबर 274किताब 1, नंबर 8
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَقِيلٍ، حَدَّثَنَا الْخَلِيلُ بْنُ زَكَرِيَّا، حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ حَسَّانَ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ أَبِي بَكْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ لاَ يَقْبَلُ اللَّهُ صَلاَةً بِغَيْرِ طُهُورٍ وَلاَ صَدَقَةً مِنْ غُلُولٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Bakrah said:"The Messenger of Allah said: 'Allah does not accept any Salat (prayer) without purification, and He does not accept any charity from Ghulul
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification and its Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।