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सुनन इब्न माजा

नंबर 99

नंबर 99किताब 0, नंबर 99
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مَيْمُونٍ الرَّقِّيُّ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ مَسْلَمَةَ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ بْنِ أُمَيَّةَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ خَرَجَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ بَيْنَ أَبِي بَكْرٍ وَعُمَرَ فَقَالَ ‏ "‏ هَكَذَا نُبْعَثُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Umar said:"The Messenger of Allah came out standing between Abu Bakr and 'Umar and said: 'Thus will I be resurrected
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।