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सुनन इब्न माजा

नंबर 90

नंबर 90किताब 0, नंबर 90
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عِيسَى، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ، عَنْ ثَوْبَانَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ لاَ يَزِيدُ فِي الْعُمْرِ إِلاَّ الْبِرُّ وَلاَ يَرُدُّ الْقَدَرَ إِلاَّ الدُّعَاءُ وَإِنَّ الرَّجُلَ لَيُحْرَمُ الرِّزْقَ لِلْخَطِيئَةِ يَعْمَلُهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Thawban said:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'Nothing extends one's life span but righteousness, nothing averts the Divine Decree but supplication, and nothing deprives a man of provision but the sin that he commits
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।