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सुनन इब्न माजा

नंबर 8

नंबर 8किताब 0, नंबर 8
حَدَّثَنَا أَبُو عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا الْجَرَّاحُ بْنُ مَلِيحٍ، حَدَّثَنَا بَكْرُ بْنُ زُرْعَةَ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا عِنَبَةَ الْخَوْلاَنِيَّ، وَكَانَ، قَدْ صَلَّى الْقِبْلَتَيْنِ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ لاَ يَزَالُ اللَّهُ يَغْرِسُ فِي هَذَا الدِّينِ غَرْسًا يَسْتَعْمِلُهُمْ فِي طَاعَتِهِ ‏"‏ ‏.‏
Abu 'Inabah Al-Khawlani said that:The Messenger of Allah (ﷺ) said: "Allah will continue to plant new people in this religion and use them in His obedience
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।