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सुनन इब्न माजा

नंबर 74

नंबर 74किताब 0, नंबर 74
حَدَّثَنَا أَبُو عُثْمَانَ الْبُخَارِيُّ، سَعِيدُ بْنُ سَعْدٍ قَالَ حَدَّثَنَا الْهَيْثَمُ بْنُ خَارِجَةَ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - يَعْنِي ابْنَ عَيَّاشٍ - عَنْ عَبْدِ الْوَهَّابِ بْنِ مُجَاهِدٍ، عَنْ مُجَاهِدٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، وَابْنِ، عَبَّاسٍ قَالاَ الإِيمَانُ يَزِيدُ وَيَنْقُصُ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah and Ibn 'Abbas said:"Faith increases and decreases
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Very DaifAl-Albani
  • Very DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।