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सुनन इब्न माजा

नंबर 260

नंबर 260किताब 0, नंबर 260
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، أَنْبَأَنَا وَهْبُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ الأَسَدِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيُّ، عَنْ جَدِّهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ مَنْ تَعَلَّمَ الْعِلْمَ لِيُبَاهِيَ بِهِ الْعُلَمَاءَ وَيُمَارِيَ بِهِ السُّفَهَاءَ وَيَصْرِفَ بِهِ وُجُوهَ النَّاسِ إِلَيْهِ أَدْخَلَهُ اللَّهُ جَهَنَّمَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:"The Messenger of Allah said: 'Whoever seeks knowledge in order to argue with the foolish, or to show off before the scholars, or to attract people's attention, Allah will admit him to Hell
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Very DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।