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सुनन इब्न माजा

नंबर 239

नंबर 239किताब 0, नंबर 239
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عُمَرَ، عَنْ عُثْمَانَ بْنِ عَطَاءٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي الدَّرْدَاءِ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ إِنَّهُ لَيَسْتَغْفِرُ لِلْعَالِمِ مَنْ فِي السَّمَوَاتِ وَمَنْ فِي الأَرْضِ حَتَّى الْحِيتَانِ فِي الْبَحْرِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Dharr said:"I heard the Messenger of Allah say: 'Everyone in the universe, in the heavens and on earth, prays for forgiveness for the scholar, even the fish in the sea
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।