सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 202

नंबर 202किताब 0, नंबर 202
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا الْوَزِيرُ بْنُ صَبِيحٍ، حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ حَلْبَسٍ، عَنْ أُمِّ الدَّرْدَاءِ، عَنْ أَبِي الدَّرْدَاءِ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فِي قَوْلِهِ تَعَالَى ‏{كُلَّ يَوْمٍ هُوَ فِي شَأْنٍ}‏ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ مِنْ شَأْنِهِ أَنْ يَغْفِرَ ذَنْبًا وَيُفَرِّجَ كَرْبًا وَيَرْفَعَ قَوْمًا وَيَخْفِضَ آخَرِينَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Darda' that:The Prophet said concerning the Verse: "Every day He is (engaged) in some affair." "His affairs include forgiving sins, relieving distress, raising some people and bringing others low
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।