सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 200

नंबर 200किताब 0, नंबर 200
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلاَءِ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، عَنْ مُجَالِدٍ، عَنْ أَبِي الْوَدَّاكِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ إِنَّ اللَّهَ لَيَضْحَكُ إِلَى ثَلاَثَةٍ لِلصَّفِّ فِي الصَّلاَةِ وَلِلرَّجُلِ يُصَلِّي فِي جَوْفِ اللَّيْلِ وَلِلرَّجُلِ يُقَاتِلُ - أُرَاهُ قَالَ - خَلْفَ الْكَتِيبَةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Sa'eed Al-Khudri said:"The Messenger of Allah said: 'Allah smiles at three things: a row in the prayer, a man who prays in the depths of the night, and a man who fights' I think he said, 'behind the battalion
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।