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सुनन इब्न माजा

नंबर 189

नंबर 189किताब 0, नंबर 189
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا صَفْوَانُ بْنُ عِيسَى، عَنِ ابْنِ عَجْلاَنَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ كَتَبَ رَبُّكُمْ عَلَى نَفْسِهِ بِيَدِهِ قَبْلَ أَنْ يَخْلُقَ الْخَلْقَ رَحْمَتِي سَبَقَتْ غَضَبِي ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:"The Messenger of Allah said: 'Your Lord wrote for Himself with His Own Hand before He created the creation: "My mercy precedes My wrath
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।