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सुनन इब्न माजा

नंबर 156

नंबर 156किताब 0, नंबर 156
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا الأَعْمَشُ، عَنْ عُثْمَانَ بْنِ عُمَيْرٍ، عَنْ أَبِي حَرْبِ بْنِ أَبِي الأَسْوَدِ الدِّيلِيِّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ مَا أَقَلَّتِ الْغَبْرَاءُ وَلاَ أَظَلَّتِ الْخَضْرَاءُ مِنْ رَجُلٍ أَصْدَقَ لَهْجَةً مِنْ أَبِي ذَرٍّ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah bin 'Amr said:"I heard the Messenger of Allah say: 'There is no one on earth, or under the sky, who speaks more truthfully than Abu Dharr
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।