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सुनन इब्न माजा

नंबर 148

नंबर 148किताब 0, नंबर 148
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى، ح وَحَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، وَعَمْرُو بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالاَ جَمِيعًا حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ سِيَاهٍ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ أَبِي ثَابِتٍ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ عَمَّارٌ مَا عُرِضَ عَلَيْهِ أَمْرَانِ إِلاَّ اخْتَارَ الأَرْشَدَ مِنْهُمَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:'The Messenger of Allah said: ''Ammar- no two things were shown to him but he chose the better of the two
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।