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सुनन इब्न माजा

नंबर 146

नंबर 146किताब 0, नंबर 146
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَعَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ هَانِئِ بْنِ هَانِئٍ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ، قَالَ كُنْتُ جَالِسًا عِنْدَ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَاسْتَأْذَنَ عَمَّارُ بْنُ يَاسِرٍ فَقَالَ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ ائْذَنُوا لَهُ مَرْحَبًا بِالطَّيِّبِ الْمُطَيَّبِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Ali bin Abu Talib said:"I was sitting with the Prophet, and 'Ammar bin Yasir asked permission to enter. The Prophet said: 'Let him in, welcome to the good and the purified
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।