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सुनन इब्न माजा

नंबर 138

नंबर 138किताब 0, नंबर 138
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْخَلاَّلُ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَيَّاشٍ، عَنْ عَاصِمٍ، عَنْ زِرٍّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ، ‏.‏ أَنَّ أَبَا بَكْرٍ، وَعُمَرَ، بَشَّرَاهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ مَنْ أَحَبَّ أَنْ يَقْرَأَ الْقُرْآنَ غَضًّا كَمَا أُنْزِلَ فَلْيَقْرَأْهُ عَلَى قِرَاءَةِ ابْنِ أُمِّ عَبْدٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah bin Mas'ud that:Abu Bakr and 'Umar gave him the glad tidings that the Messenger of Allah had said: "Whoever would like to recite the Qur'an as fresh as when it was revealed, let him recite it like Ibn Umm 'Abd
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।