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सुनन इब्न माजा

नंबर 127

नंबर 127किताब 0, नंबर 127
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ سِنَانٍ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، أَنْبَأَنَا إِسْحَاقُ، عَنْ مُوسَى بْنِ طَلْحَةَ، قَالَ كُنَّا عِنْدَ مُعَاوِيَةَ فَقَالَ أَشْهَدُ لَسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ طَلْحَةُ مِمَّنْ قَضَى نَحْبَهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Musa bin Talhah said:We were with Mu'awiyah and he said: "I heard the Messenger of Allah say: 'Talhah is one of those who fulfilled their covenant
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।