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सुनन इब्न माजा

नंबर 119

नंबर 119किताब 0, नंबर 119
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَسُوَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ، وَإِسْمَاعِيلُ بْنُ مُوسَى، قَالُوا حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ حُبْشِيِّ بْنِ جُنَادَةَ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ عَلِيٌّ مِنِّي وَأَنَا مِنْهُ وَلاَ يُؤَدِّي عَنِّي إِلاَّ عَلِيٌّ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Hubshi bin Junadah said:"I heard the Messenger of Allah say: ''Ali is part of me and I am part of him, and no one will represent me except 'Ali
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।