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सुनन इब्न माजा

नंबर 114

नंबर 114किताब 0, नंबर 114
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، وَأَبُو مُعَاوِيَةَ وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ عَدِيِّ بْنِ ثَابِتٍ، عَنْ زِرِّ بْنِ حُبَيْشٍ، عَنْ عَلِيٍّ، قَالَ عَهِدَ إِلَىَّ النَّبِيُّ الأُمِّيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَنَّهُ لاَ يُحِبُّنِي إِلاَّ مُؤْمِنٌ وَلاَ يُبْغِضُنِي إِلاَّ مُنَافِقٌ ‏.‏
It was narrated that 'Ali said:"The Unlettered Prophet informed me (saying) that none but a believer would love me and none but a hypocrite would hate me
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।