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सुनन इब्न माजा

नंबर 101

नंबर 101किताब 0, नंबर 101
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ، وَالْحُسَيْنُ بْنُ الْحَسَنِ الْمَرْوَزِيُّ، قَالاَ حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ قِيلَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَىُّ النَّاسِ أَحَبُّ إِلَيْكَ قَالَ ‏"‏ عَائِشَةُ ‏"‏ ‏.‏ قِيلَ مِنَ الرِّجَالِ قَالَ ‏"‏ أَبُوهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Anas said:"It was said: 'O Messenger of Allah, which of the people is most beloved to you?' He said: "Aishah.' It was asked, 'And among men?' He said: 'Her father
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।