अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि पूरा मुसलमान वह है, जिसकी ज़बान से मुसलमान सुरक्षित रहें कि वह किसी को गाली न दे, किसी पर धिक्कार न करे, किसी की ग़ीबत न करे और किसी को भाषा द्वारा कोई कष्ट न दे। इसी तरह उसके हाथ से मुसलमान सुरक्षित रहें। मसलन वह न किसी पर अत्याचार करे और न किसी का माल हड़पे। जबकि असल हिजरत करने वाला वह है, जो अल्लाह की हराम की हुई चीज़ें छोड़ दे।
- पूरा मुसलमान होने के लिए ज़रूरी है कि किसी को कष्ट न दे। कष्ट भौतिक हो कि नैतिक।
- विशेष रूप से ज़बान एवं हाथ का ज़िक्र इसलिए किया गया है कि मानव शरीर के इन दोनों अंगों से बहुत-से ग़लत काम और बहुत-से लोगों का नुक़सान होता है। ज़्यादातर बुराइयाँ इन्हीं दोनों अंगों से होती हैं।
- गुनाहों से बचने और अल्लाह के आदेशों का पालन करने की प्रेरणा।
- सबसे अच्छा मुसलमान वह है, जो अल्लाह के अधिकार एवं मुसलमानों के अधिकार दोनों अदा करे।
- अत्याचार का संबंध कभी कथन से होता है और कभी कार्य से।
- पूर्ण हिजरत यह है कि इन्सान अल्लाह की हराम की हुई चीज़ें छोड़ दे।
صحيح البخاري (1/ 11) (10). صحيح مسلم (1/ 65) (40). نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (1/ 236). شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين (2/ 511). بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي (1/ 306).