अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "फ़रिश्ते उन लोगों के साथ नहीं होते, जिनके साथ कुत्ता या घंटी हो।"
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया हैदर्जास़ह़ीह़
तशरीह
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि फ़रिश्ते उस क़ाफ़िले के साथ नहीं रहते, जिसके साथ कुत्ता या घंटी हो, जिसे जानवरों के गलों में बाँधा जाता है और जो हिलने पर बजती है।
फ़ायदे
कुत्ता पालने और उसे साथ रखने की मनाही। लेकिन शिकारी और निगरानी करने वाला कुत्ता इससे अपवाद है।
जो फ़रिश्ते इस तरह की परिस्थितियों में साथ रहने से गुरेज़ करते हैं, वह रहमत के फ़रिश्ते हैं। इन्सान के कर्म लिखने पर नियुक्त फ़रिश्ते यात्रा एवं ठहराव में हमेशा साथ रहते हैं। कभी जुदा नहीं होते।
घंटी की मनाही। क्योंकि घंटी शैतान की बाँसुरी और ईसाइयों के नाक़ूस जैसी चीज़ है।
एक मुसलमान को उन सभी चीज़ों से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए, जो फ़रिश्तों को उससे दूर करने का काम करती हैं।
हवाला
صحيح مسلم (3/ 1672) (2113).
نزهة المتقين، لمجموعة من الباحثين (2/ 1156).
كنوز رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (20/ 67).
بهجة الناظرين، لسليم الهلالي (3/ 188).
كشف المشكل من حديث الصحيحين، لابن عثيمين (3/ 564).
شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين (6/ 431).
شرح النووي على مسلم (14/ 95).
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com