-صحيح البخاري، نشر: دار طوق النجاة (مصورة عن السلطانية بإضافة ترقيم محمد فؤاد عبد الباقي)، الطبعة: الأولى، 1422ه. -صحيح مسلم، تحقيق: محمد فؤاد عبد الباقي، نشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت. -عمدة القاري شرح صحيح البخاري، لمحمود بن أحمد بن موسى الحنفى بدر الدين العينى، الناشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت. -المنهاج شرح صحيح مسلم بن الحجاج، للنووي، نشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت، الطبعة: الثانية، 1392ه. -مختار الصحاح، لزين الدين أبو عبد الله محمد بن أبي بكر بن عبد القادر الحنفي الرازي، تحقيق: يوسف الشيخ محمد، نشر: المكتبة العصرية - الدار النموذجية، بيروت – صيدا، لطبعة: الخامسة، 1420هـ / 1999م. -المنهاج شرح صحيح مسلم بن الحجاج، للنووي، نشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت، الطبعة: الثانية، 1392ه. -المصباح المنير في غريب الشرح الكبير, أحمد بن محمد بن علي الفيومي ثم الحموي، أبو العباس, المكتبة العلمية – بيروت.
तशरीह के साथ हदीसें
एक रात उसैद बिन हुज़ैर (रज़ियल्लाहु अनहु) अपने खलिहान में क़ुरआन पढ़ रहे थे कि उनका घोड़ा बिदकने लगा, उन्होंने फिर पढ़ना शुरू किया, तो फिर बिदकने लगा, उन्होेंने एक और बार पढ़ा, तो इस बार भी बिदकने लगा, उसैद (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं: मुझे भय हुआ कि कहीं यह (मेरे पुत्र) यहया को कुचल न डाले, मैं उसके पास गया, तो देखा कि मेरे सर के ऊपर बादल की तरह कोई चीज़ है, जिसमें जैसे चिराग जल रहे हों, वह ऊपर की ओर चढ़ती गई, यहाँ तक कि नज़रों से ओझल हो गई
عن أبي سعيد الخدري رضي الله عنه : أنَّ أُسَيْد بن حُضَيْر بينما هو ليلةً يَقْرأ في مَرْبَدِه، إذ جالَتْ فَرَسُه، فقرأ، ثم جالَتْ أخرى، فقرأ، ثم جالَتْ أيضا، قال أُسَيْد: فخشيتُ أن تَطَأَ يحيى، فقمتُ إليها، فإذا مِثلُ الظُّلَّة فوق رأسي فيها أَمْثال السُّرُج، عَرَجَتْ في الجَوِّ حتى ما أراها، قال: فغدوتُ على رسول الله صلى الله عليه وسلم ، فقلت: يا رسول الله بينما أنا البارِحَةَ من جَوْف الليل أقرأ في مِرْبَدي، إذ جالَتْ فَرَسي، فقال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «اقرأ ابنَ حُضَيْر» قال: فقرأتُ، ثم جالَتْ أيضًا، فقال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «اقرأ ابنَ حُضَيْر» قال: فقرأتُ، ثم جالَتْ أيضًا، فقال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «اقرأ ابنَ حُضَيْر» قال: فانصرفتُ، وكان يحيى قريبًا منها، خشيتُ أن تَطَأَه، فرأيتُ مثل الظُّلَّة فيها أمْثال السُّرُج، عَرَجَتْ في الجَوِّ حتى ما أراها، فقال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «تلك الملائكةُ كانت تستمِعُ لك، ولو قرأتَ لأصبحَتْ يراها الناسُ ما تَسْتَتِرُ منهم».
अबू सईद ख़ुदरी (रज़ियल्लाहु अनहु) का वर्णन है कि एक रात उसैद बिन हुज़ैर (रज़ियल्लाहु अनहु) अपने खलिहान में क़ुरआन पढ़ रहे थे कि उनका घोड़ा बिदकने लगा। उन्होंने फिर पढ़ना शुरू किया, तो फिर बिदकने लगा। उन्होेंने एक और बार पढ़ा, तो इस बार भी बिदकने लगा। उसैद (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं: मुझे भय हुआ कि कहीं यह (मेरे पुत्र) यहया को कुचल न डाले। मैं उसके पास गया, तो देखा कि मेरे सर के ऊपर बादल की तरह कोई चीज़ है, जिसमें जैसे चिराग जल रहे हों। वह ऊपर की ओर चढ़ती गई, यहाँ तक कि नज़रों से ओझल हो गई। उसैद (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि सुबह हुई, तो मैं अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास गया और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल! पिछली रात मैं अपने खलिहान में क़ुरआन पढ़ रहा था कि मेरा घोड़ा बिदकने लगा। यह सुन कर आपने कहा: हुज़ैर के बेटे! तुम पढ़ना जारी रखो। उन्होंने कहा कि मैंने फिर पढ़ा, तो फिर बिदकने लगा।अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: हुज़ैर के बेटे! तुम पढ़ना जारी रखो। उन्होंने कहा: मैंने फिर पढ़ा, तो फिर बिदकने लगा। अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: हुज़ैर के बेटे! तुम पढ़ना जारी रखो। उन्होंने कहा: अब मैंने पढ़ना बंद कर दिया; क्योंकि (मेरा बेटा) यहया उसके पास ही (सोया हुआ) था। मुझे भय हुआ कि कहीं वह उसे कुचल न दे। फिर मैंने अपने सर के ऊपर बादल की तरह कोई चीज़ देखी, जिसमें जैसे चिराग जल रहे थे। वह ऊपर उठती गई, यहाँ तक कि मेरी नज़रों से ओझल हो गई। यह सुनकर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: वह फ़रिश्ते थे, जो तुम्हें सुन रहे थे। यदि तुम पढ़ते रहते, तो वे सुबह तक सुनते रहते और लोग उन्हें देखते। वे लोगों से नहीं छुपते।
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com