1- رياض الصالحين للنووي، تحقيق: ماهر الفحل، دار ابن كثير، دمشق، ط1، 2007م. 2- نزهة المتقين شرح رياض الصاحين: شرح الدكتور مصطفى الخن وآخرين، مؤسسة الرسالة، ط1، 1987م. 3- كنوز رياض الصالحين، المجلس العلمي كنوز دار إشبيليا، الرياض، ط1، 2009م. 4- صحيح مسلم بتحقيق محمد فؤاد عبد الباقي، دار إحياء التراث العربي، بيروت. 5- شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين، مؤسسة ابن عثيمين الخيرية، مدار الوطن للنشر، الرياض، ط1426هـ.
तशरीह के साथ हदीसें
उसपर जो कुछ है, उसे ले लो और उसे छोड़ दो, क्योंकि उसपर लानत कर दी गई है।
عن عمران بن الحصين رضي الله عنهما ، قال: بينما رسولُ الله صلى الله عليه وسلم في بعض أَسْفَارِه، وامرأة من الأنصار على ناقة، فضَجِرَتْ فلَعَنَتْهَا، فسمع ذلك رسول الله صلى الله عليه وسلم فقال: «خُذُوا ما عليها ودَعُوهَا؛ فإنها مَلْعُونَةٌ»، قال عمران: فكَأَنِّي أراها الآن تمشي في الناس ما يَعْرِضُ لها أحد".
इमरान बिन हुसैन -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- एक यात्रा में थे और एक अंसारी महिला अपनी ऊँटनी पर सवार थी। इसी बीच ऊँटनी बिदक गई, तो उन्होंने उसपर लानत कर दी, जिसे अल्लाह के रसूल -सल्लल्ललाहु अलैहि व सल्लम- ने सुन लिया। अतः, आपने फ़रमाया : "उसपर जो कुछ है, उसे ले लो और उसे छोड़ दो, क्योंकि उसपर लानत कर दी गई है।" इमरान कहते हैं : गोया कि मैं उसे देख रहा हूँ कि वह लोगों के दरमियान चल रही है, लेकिन कोई उससे छेड़छाड़ नहीं करता।
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com