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तशरीह के साथ हदीसें

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने सफ़िय्या (रज़ियल्लाहु अंहा) को गुलामी से मुक्त किया और उनकी मुक्ति को उनका महर बनाया।

عن أنس بن مالك رضي الله عنه أن رسول الله صلى الله عليه وسلم أعتق صفية، وجعل عِتْقَهَا صَدَاقَهَا.
अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने सफ़िय्या (रज़ियल्लाहु अंहा) को गुलामी से मुक्त किया और उनकी मुक्ति को उनका महर बनाया।
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह

बनू नज़ीर के सरदार हुयय की पुत्री सफ़ीया, किनाना बिन अबुल हुक़ैक़ के विवाह में थीं। वह ख़ैबर के दिन मारा गया और नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने ख़ैबर को फ़त्ह करके स्त्रियों और बच्चों को क़ैद कर लिया, जिनमें सफ़ीया भी शामिल थीं। वह देहया ख़लीफ़ा कलबी के हिस्से में आईं, तो आपने देहया कलबी को उनके बदले एक दासी दी और उनका दिल रखने के लिए तथा उनपर दया करते हुए उन्हें अपने लिए चुन लिया। आपके सदव्यवहार का एक नमूना यह है कि आपने उन्हें दासी के तौर पर रखने की बजाय सम्मान दिया और मुक्त करके विवाह कर लिया तथा उनकी मुक्ति को ही उनका महर बनाया।

हवाला

- صحيح البخاري –الجامع الصحيح-؛ للإمام أبي عبد الله محمد بن إسماعيل البخاري، عناية محمد زهير الناصر، دار طوق النجاة، الطبعة الأولى، 1422هـ. - صحيح مسلم؛ للإمام مسلم بن الحجاج، حققه ورقمه محمد فؤاد عبد الباقي، دار عالم الكتب-الرياض، الطبعة الأولى، 1417هـ. - الإلمام بشرح عمدة الأحكام للشيخ إسماعيل الأنصاري-مطبعة السعادة-الطبعة الثانية 1392ه. - تيسير العلام شرح عمدة الأحكام-عبد الله البسام-تحقيق محمد صبحي حسن حلاق- مكتبة الصحابة- الشارقة- الطبعة العاشرة- 1426ه.

यह हदीस HadeethEnc.com पर
महर

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com