वह व्यक्ति धिक्कार का हक़दार है, जिसने अपनी औरत से उसके मलद्वार में संभोग किया।
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: «مَلْعُون مَنْ أتَى امرأتَه في دُبُرِها».
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु से वर्णित है, उन्होंने कहा : अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "वह व्यक्ति धिक्कार का हक़दार है, जिसने अपनी औरत से उसके मलद्वार में संभोग किया।"
इसे अबू दावूद ने तथा नसई ने अल-कुबरा में एवं अह़मद ने रिवायत किया हैदर्जाह़सन
तशरीह
अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- अपनी पत्नी के साथ गुदा में संभोग करने के संबंध में चेतावनी देते हुए कहते हैं कि जो व्यक्ति ऐसा करता है उसे अल्लाह की दया से दूर कर दिया जाता है। वस्तुतः गुदा मैथुन एक बहुत बड़ा पाप है।
फ़ायदे
स्त्री के गुदा (मलद्वार) में संभोग करना हराम है।
अपनी पत्नी के गुदा को छोड़ उसके पूरे शरीर से आनंदित होना जायज़ है।
एक मुसलमान, अल्लाह के आदेश का पालन करते हुए, महिला की योनि में संभोग करता है। उसके गुदा में नहीं। क्योंकि यह मानव स्वभाव का उल्लंघन है, मानव जाति के विनाश का साधन है तथा स्वस्थ स्वभाव के विरुद्ध एवं पति-पत्नी के लिए अत्यंत हानिकारक कार्य है।
हवाला
سنن أبي داود (3/ 489) (2162).
السنن الكبرى للنسائي (8/ 200) (8966).
مسند أحمد (15/ 457) (9733).
نيل الأوطار، للشوكاني (6/ 237).
سبل السلام، للصنعاني (2/ 202).
توضِيحُ الأحكَامِ مِن بُلوُغ المَرَام، للبسام (5/ 346).
فتح ذي الجلال والاكرام بشرح بلوغ المرام، لابن عثيمين (4/ 535).
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com